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शार्क टैंक सीजन 2 की आलोचना
Jul 22, 2024
शार्क टैंक सीजन 2 की आलोचना
मुख्य बिंदु
शार्क टैंक सीजन 2
की आलोचना की जा रही है।
पिचेस अब कॉमेडी शो जैसी प्रतीत होती हैं।
शार्क टैंक अब एक वास्तविकता शो के बजाए नाटकीय रूप में अधिक बदल चुका है।
शार्क टैंक की पिचेस
पारंपरिक पिचेस अब बहुत ही नाटकीय और ज्यादा मनोरंजन पर केंद्रित होती जा रही हैं।
शुगर डैडी खाने वाले अंकल (पियूष) के शो में हास्यास्पद हरकतें।
पिचर्स की एंट्रीज अब जबरदस्ती नाटकीय होती जा रही हैं।
कंटेस्टेंट्स की समस्याएं
स्नैकिंग ऑप्शन की कमी की शिकायत का मजाक।
आधे एपिसोड तो कंटेस्टेंट्स की एंट्री में निकल जाते हैं।
कुछ कंटेस्टेंट्स को शार्क्स द्वारा बेवजह टोका जाता है।
शार्क्स का आचरण
राहुल के स्टैंड-अप कॉमेडी जैसे एक्ट।
शार्क्स के आपसी विवाद और तने मारना।
नीतियों पर कम, व्यक्तिगत बातों पर ज्यादा ध्यान।
कई बार फैंसी प्रमोशन करना जैसे लेंसकार्ट।
अनुपमा मित्तल का ज्ञानवर्धक रवैया।
विनीता का अस्वीकार करना आम बात है।
अमन गुप्ता का खुद को शरीफ शार्क बोलना।
कार्यक्रम का प्रभाव
शो में ड्रामा और कंट्रोवर्सी के बावजूद बोरिंग हो चुका है।
पि च के दौरान फालतू कमेंट पास करना।
सोनी वाले शो के क्लिप्स और सब्सक्रिप्शन से ज्यादा पैसे छाप रहे हैं।
व्यक्तिगत विचार
शो में अब और भी ज्यादा रुचि नहीं रही।
इस शो के फैंस के लिए इसे शेयर और सब्सक्राइब करने की सलाह।
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