अवलोकन
यह व्याख्यान कैपेसिटर की चार्जिंग और डिस्चार्जिंग प्रक्रिया पर केंद्रित है। चार्जिंग और डिस्चार्जिंग में लगने वाले समय और टाइम कॉन्स्टेंट की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है।
कैपेसिटर की चार्जिंग
- बैटरी एक प्लेट से इलेक्ट्रॉन खींचकर दूसरी प्लेट पर जमा करती है
- एक प्लेट पॉजिटिव और दूसरी नेगेटिव चार्ज हो जाती है
- चार्ज के स्थानांतरण की प्रक्रिया को कैपेसिटर चार्जिंग कहते हैं
- कैपेसिटर तुरंत चार्ज नहीं होता, बल्कि इसमें समय लगता है
- चार्जिंग तब बंद होती है जब कैपेसिटर का पोटेंशियल बैटरी के बराबर हो जाता है
चार्जिंग का रेट और ग्राफ
- शुरुआत में चार्जिंग बहुत तेज होती है क्योंकि प्लेट न्यूट्रल होती है
- जैसे-जैसे नेगेटिव चार्ज बढ़ता है, आने वाले इलेक्ट्रॉन repel होते हैं
- चार्जिंग का रेट धीरे-धीरे कम होता जाता है
- चार्ज बनाम समय का ग्राफ एक कर्व होता है, सीधी रेखा नहीं
- ग्राफ में शुरू में तेज slope होता है जो धीरे-धीरे कम होता जाता है
- मोबाइल बैटरी की तरह: 0% से 10% तेज़ी से, 99% से 100% बहुत धीरे
टाइम कॉन्स्टेंट
- टाइम कॉन्स्टेंट वह समय है जिसमें कैपेसिटर 63% चार्ज स्टोर करता है
- 100% चार्ज होने में नहीं, बल्कि 0.63 × Q₀ चार्ज स्टोर करने में लगने वाला समय
- Q₀ को equilibrium charge कहते हैं (अधिकतम संभव चार्ज)
- ग्राफ में 63% चार्ज की स्थिति से नीचे खींची गई ल ाइन टाइम कॉन्स्टेंट बताती है
- फॉर्मूला: टाइम कॉन्स्टेंट (τ) = प्रतिरोध (R) × धारिता (C)
टाइम कॉन्स्टेंट को प्रभावित करने वाले कारक
- कैपेसिटेंस (C): बड़ी कैपेसिटेंस = अधिक समय लगेगा
- रेजिस्टेंस (R): बड़ा रेजिस्टेंस = करंट कम होगा = अधिक समय लगेगा
- छोटी RC value = तेज़ चार्जिंग, बड़ी RC value = धीमी चार्जिंग
- वाटर टैंक की तरह: बड़ा टैंक + पतला पाइप = अधिक समय
| कारक | प्रभाव | उदाहरण |
|---|
| बड़ी कैपेसिटेंस | चार्जिंग धीमी | बड़ा वाटर टैंक भरने में अधिक समय |
| छोटी कैपेसिटेंस | चार्जिंग तेज़ | छोटा वाटर टैंक जल्दी भर जाता है |
| बड़ा रेजिस्टेंस | करंट कम, चार्जिंग धीमी | पतला पाइप - कम पानी प्रवाह |
| छोटा रेजिस्टेंस | करंट अधिक, चार्ज िंग तेज़ | मोटा पाइप - अधिक पानी प्रवाह |
कैपेसिटर की डिस्चार्जिंग
- स्विच को दूसरी स्थिति में लगाने पर बैटरी डिस्कनेक्ट हो जाती है
- इलेक्ट्रॉन पॉजिटिव प्लेट की तरफ जाने के लिए पथ मिल जाता है
- धीरे-धीरे दोनों प्लेट न्यूट्रल हो जाती हैं - यह डिस्चार्जिंग है
- शुरुआत में पोटेंशियल डिफरेंस अधिक होता है, इसलिए डिस्चार्जिंग तेज़ होती है
- जैसे-जैसे चार्ज कम होता है, आकर्षण कम होता है और डिस्चार्जिंग धीमी हो जाती है
- मोबाइल बैटरी की तरह: 10% या 1-2% लंबे समय तक चलता है
डिस्चार्जिंग का ग्राफ
- चार्ज बनाम समय का ग्राफ घटता हुआ कर्व होता है
- शुरुआत में तेज़ slope (तेज़ डिस्चार्जिंग), बाद में धीमी slope
- टाइम कॉन्स्टेंट वह समय है जिसमें 63% चार्ज डिस्चार्ज हो जाता है
- या कहें कि 37% चार्ज शेष रह जाता है
- छोटी RC value = तेज़ डिस्चार्जिंग, बड़ी RC value = धीमी डिस्चार्जिंग
- जो तेज़ चार्ज होता है वह तेज़ डिस्चार्ज भी होता है
चार्जिंग और डिस्चार्जिंग की तुलना
| विशेषता | चार्जिंग | डिस्चार्जिंग |
|---|
| शुरुआती रेट | बहुत तेज़ | बहुत तेज़ |
| बाद का रेट | धीरे-धीरे कम | धीरे-धीरे कम |
| ग्राफ का आकार | बढ़ता हुआ कर्व | घटता हुआ कर्व |
| 63% स्थिति | Q₀ का 63% स्टोर | Q₀ का 63% डिस्चार्ज (37% शेष) |
| टाइम कॉन्स्टेंट | τ = RC | τ = RC |
व्यावहारिक उदाहरण
- गाड़ी के windshield पर wipers की गति कैपेसिटर चार्जिंग-डिस्चार्जिंग पर आधारित है
- यह सर्किट में कैपेसिटर के चार्ज और डिस्चार्ज होने से संभव होता है
मुख्य शर्तें और परिभाषाएं
- इक्विलिब्रियम चार्ज (Q₀): कैपेसिटर द्वारा स्टोर किया जा सकने वाला अधिकतम चार्ज
- टाइम कॉन्स्टेंट (τ): वह समय जिसमें 63% चार्जिंग या डिस्चार्जिंग होती है
- फॉर्मूला: τ = R × C (रेजिस्टेंस × कैपेसिटेंस)
- चार्जिंग: बैटरी द्वारा एक प्लेट से दूसरी पर चार्ज स्थानांतरित करना
- डिस्चार्जिंग: कैपेसिटर से चार्ज का वापस जाना और प्लेट्स का न्यूट्रल होना