लेजर का परिचय
बेसिक कांसेप्ट
- लेजर में मुख्य रूप से 3 प्रकार की अवस्था होती हैं:
- ग्राउंड स्टेट
- एक्साइटेड स्टेट
- मेटा स्टेबल स्टेट
लेजर की परिभाषा
- लेजर का फुल फॉर्म: लाइट एमप्लीफिकेशन बाय स्टिमुलेटिंग एमिशन
- लेजर और एक्सरे में अंतर:
- लेजर की लाइट ऑर्गेनाइज और फोकस होती है।
- एक्सरे में यह विशेषताएँ नहीं होती हैं।
- एक्सरे की वेवलेंथ लेजर की तुलना में छोटी होती है।
एब्जॉर्प्शन
- एब्जॉर्प्शन की प्रक्रिया:
- एक एटम जो लो एनर्जी स्टेट में होता है, वह लाइट को एब्जॉर्ब करके हाई एनर्जी स्टेट में चला जाता है।
- इसे स्टीमुलेट एब्जॉर्प्शन कहा जाता है।
स्पॉन्टेनियस एमिशन
- स्पॉन्टेनियस एमिशन की प्रक्रिया:
- एक्साइटेड एटम जल्दी लोवर स्टेट में लौटता है और ऊर्जा को एमिट करता है।
स्टीमुलेटेड एमिशन
- स्टीमुलेटेड एमिशन:
- जब एक एटम को स्टीमुलेट किया जाता है, तो वह एक्साइटेड स्टेट में रहता है और अन्य एटम्स को भी ट्रिगर करता है।
एक्टिव मीडियम
- एक्टिव मीडियम:
- वह मटेरियल जिसमें लाइट का एमप्लीफिकेशन होता है।
पॉपुलेशन इंवर्जन
- पॉपुलेशन इंवर्जन:
- जब एक्साइटेड स्टेट में एटम की संख्या ग्राउंड स्टेट की तुलना में अधिक होती है।
पंपिंग
- पंपिंग की प्रक्रिया:
- लो एनर्जी से हाई एनर्जी लेवल पर एटम्स को रेज़ करना।
टाइप्स ऑफ पंपिंग
- केमिकल, इलेक्ट्रिकल, डायरेक्ट और ऑप्टिकल पंपिंग।
थ्री लेवल और फोर लेवल पंपिंग
- थ्री लेवल पंपिंग:
- सीधे ग्राउंड स्टेट से एक्साइटेड स्टेट तक।
- फोर लेवल पंपिंग:
- अधिक स्थिरता और ऊर्जा के लिए बेहतर।
रेजोनेंट कैविटी
- रेजोनेंट कैविटी में दो प्रकार के मिरर होते हैं:
- फुली रिफ्लेक्टिंग और पार्शियल रिफ्लेक्टिंग।
कोहरेंस
- कोहरेंस लेंथ:
- वेव का वह डिस्टेंस जहाँ तक फेज रिलेशनशिप स्थिर रहता है।
- कोहरेंस टाइम:
- वेव का वह टाइम ड्यूरेशन जब फेज रिलेशनशिप स्थिर रहता है।
लेजर की विशेषताएँ
- हाईली कोहेरेंट
- हाईली मोनोक्रोमेटिक
- हाईली डायरेक्शनल
- ब्राइटनेस और एनर्जेटिक।
लेजर और साधारण लाइट में अंतर
- लेजर कोहेरेंट और मोनोक्रोमेटिक होता है।
- साधारण लाइट में यह विशेषताएँ नहीं होतीं।
हीलियम-नियन लेजर
- गैस लेजर जिसका इस्तेमाल कोहेरेंट, मोनोक्रोमेटिक और हाई डायरेक्शनल बीम बनाने के लिए किया जाता है।
एप्लिकेशन
- लीडार:
- बारकोड स्कैनिंग:
- बारकोड पाठन के लिए लेजर का उपयोग।
- मेटल वर्क:
- वेल्डिंग और कटिंग के लिए CO2 गैस लेजर का उपयोग।
न्यूमेरिकल अपर्चर
- फाइबर ऑप्टिक्स के अंदर लाइट को एक्सेप्ट करने की क्षमता।
स्प्रेडिंग और डिस्पर्शन
- मोर डिस्पर्शन से सिग्नल लॉस होता है।
इन नोट्स में लेजर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। इसे पढ़ने से छात्रों को लेजर के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी।