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बोनस और राइट शेयरों का लेखांकन

Aug 3, 2024

बोनस शेयर और राइट शेयरों का लेखांकन

नए यूनिट की जानकारी

  • यूनिट का नाम: बोनस शेयर और राइट शेयरों का लेखांकन
  • यह यूनिट बिल्कुल नया है, अब तक नहीं पढ़ा गया।
  • एक्साम में 528 मार्क्स तक की वेटेज रख सकता है।

यूनिट के मुख्य बिंदु

  • बोनस शेयर: कंपनी जब फ्री में शेयर इशू करती है।
  • राइट शेयर: कंपनी जब शेयर मार्केट के मुकाबले सस्ते दाम पर इशू करती है।
  • कंपनी शेयर इशू करती है और उसका तरीका हमारे लिए नया है, जिसे हम सीखेंगे।

बोनस शेयर के नियम

  1. बोनस शेयर डिविडेंट की जगह इशू नहीं किए जा सकते।
    • कंपनी डिविडेंट की जगह बोनस शेयर नहीं दे सकती।
  2. बोनस शेयर फ्री रिजर्व से इशू किए जा सकते हैं।
    • फ्री रिजर्व: जो बिना किसी प्रतिबंध के होते हैं।
    • सिक्यूरिटी प्रीमियम अकाउंट से भी इशू किए जा सकते हैं।
    • कैपिटल रिडेम्पशन रिजर्व का भी उपयोग किया जा सकता है।
  3. बोनस शेयर केवल फुल्ली पैड शेयरों को दिए जाएंगे।
  4. कंपनी का आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन होना चाहिए।
  5. कंपनी को डिफॉल्ट नहीं करना चाहिए।
    • ब्याज और प्रिंसिपल का भुगतान समय पर होना चाहिए।
    • स्टैच्यूटरी ड्यूज का भुगतान भी समय पर होना चाहिए।

बोनस शेयरों की लेखांकन प्रक्रिया

  • जर्नल एंट्री:
    1. फाइनल कॉल ड्यू होने पर:
      • शेयर फाइनल कॉल अकाउंट डेबिट
      • शेयर कैपिटल (क्रेडिट)
      • बैंक अकाउंट (डेबिट)
    2. बोनस शेयरों का इशू:
      • बोनस टू शेयर होल्डर अकाउंट डेबिट
      • शेयर कैपिटल (क्रेडिट)
  • बोनस शेयरों के इशू के समय रिजर्व को कम करके दिखाया जाता है।

राइट शेयर

  • राइट शेयर का मतलब है कि कंपनी अपने शेयरधारकों को शेयर सस्ते दाम पर खरीदने का अधिकार देती है।
  • आमतौर पर कंपनी 10 शेयरों पर 1 राइट शेयर देती है।
  • राइट प्राइस सामान्यतः मार्केट प्राइस से कम होता है।
  • कम राइट प्राइस: राइट इशू से पहले की कीमत।
  • एक्स राइट प्राइस: राइट इशू के बाद की कीमत।

राइट शेयरों के लाभ और हानि

लाभ:

  1. शेयरधारकों का प्रोपोर्शनल होल्डिंग बना रहता है।
  2. कम खर्च में इशू किया जा सकता है।
  3. इमेज एनहांसमेंट होता है।

हानि:

  1. मार्केट वैल्यू कम हो सकती है।
  2. अट्रैक्टिव प्राइस तय करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

प्रश्न और उत्तर

  1. बोनस इशू के प्रभाव:
    • शेयर कैपिटल इंक्रीज होगी।
    • रिजर्व कम होंगे।
    • ईपीएस कम हो जाएगा।
    • मार्केट में सकारात्मक प्रभाव।
  2. राइट इशू के लाभ:
    • शेयरधारकों की प्रोपोर्शनल होल्डिंग बनी रहती है।
    • कम लागत में इशू।
    • इमेज एनहांसमेंट।

नोट्स की सारांश

  • यह यूनिट बोनस और राइट शेयरों के लेखांकन पर आधारित है।
  • नियम, जर्नल एंट्रीज, और लाभ-हानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।
  • प्रश्न-उत्तर के माध्यम से महत्वपूर्ण बिंदुओं को उजागर किया गया है।