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वन-शॉट पादप प्रजनन सार

Nov 11, 2025

Overview

यह नोट्स “निम्न एवं उच्च पादपों में प्रजनन” के वन-शॉट सत्र का संक्षेप है। इसमें पौधों में अलैंगिक, लैंगिक और वानस्पतिक प्रजनन, फूल की संरचना, माइक्रो/मेगास्पोरोजेनेसिस, परागण, डबल फर्टिलाइज़ेशन, एंडोस्पर्म-एम्ब्रियो विकास और विशेष अवस्थाएँ कवर हैं।

प्रजनन के प्रकार

  • तीन प्रमुख प्रकार: लैंगिक, अलैंगिक, वानस्पतिक; विषयवस्तु क्रमशः विविधता, प्रतिलिपि, भागों से नया पौधा।
  • अलैंगिक: गैमिट संलयन नहीं; एक ही जनक; आनुवंशिक विविधता नहीं।
  • लैंगिक: नर–मादा गैमिट का संलयन; विविधता और उत्क्रांति संभव।
  • वानस्पतिक: जड़/तना/पत्ती से नया पौधा; प्राकृतिक और बागवानी/कृषि में उपयोगी।

अलैंगिक प्रजनन: विधियाँ व उदाहरण

  • बाइनरी फिशन: एक कोशिका से दो; उदाहरण: अमीबा।
  • बडिंग: कली बनकर अलग; उदाहरण: यीस्ट।
  • फ्रैग्मेंटेशन: खंड टूटकर नए व्यक्तियों में; उदाहरण: स्पाइरोगाइरा।
  • स्पोर निर्माण:
    • शैवाल: चलायमान जूज़्पोर (क्लैमाइडोमोनास)।
    • कवक: गैर-चलायमान कोनिडियोस्पोर; अनुकूल परिस्थिति में अंकुरण।

वानस्पतिक प्रजनन और तकनीकें

  • अंग-आधारित: तना (गुलाब, बोगनवेलिया), जड़ (ब्लैकबेरी), पत्ती (ब्रायोफाइलम) से नए पौधे।
  • ग्राफ्टिंग: समान कुल के दो पौधों के तनों का संयोजन; स्टॉक–स्कायन; जायलम-फ्लोएम का जुड़ाव; गैमिट भाग नहीं, इसलिए अलैंगिक।
  • बड-ग्राफ्टिंग: विकसित कली का उपयोग।
  • टिशू कल्चर: पत्ते/टिशू का बाँझ माध्यम (अगार, हार्मोन) पर संवर्धन; बीज के बिना पौधा।

फूल की संरचना

  • चार चक्र: कैलिक्स (सेपल), करोला (पंखुड़ियाँ), एंड्रोशियम (नर-केसर: एंथर+फिलामेंट), गाइनोशियम/कार्पेल (मादा: स्टिग्मा, स्टाइल, ओवरी)।
  • ओवरी में ओवियूल अनेक; पिस्टिल एक हो तो मोनोकार्पस, अधिक हों तो बहुकार्पिक।

एंथर का टीएस और परागकण विकास

  • एंथर द्विखंडी; चार पराग थैली (माइक्रोस्पोरैन्जियम)।
  • चार परतें: एपिडर्मिस (सुरक्षा), एंडोथीसियम (फटना और पराग विमोचन), मिडिल लेयर (अल्पकालिक), टैपेटम (पोषण)।
  • स्पोरोजीनस टिशू से माइक्रोस्पोर मदर सेल (PMC); मियॉसिस से माइक्रोस्पोर टेट्राड (n)।
  • माइक्रोस्पोर की माइटोसिस: एक वेजेटेटिव सेल + एक जेनेरेटिव सेल; जेनेरेटिव से 2 नर गैमिट।
  • परागकण आवरण: बाह्य Exine (स्पोरोपोलिनिन, अत्यंत दृढ़), आंतरिक Intine (लचीला); जर्म-पोर से पराग नलिका निकलती है।

गाइनोशियम और ओवियूल की संरचना

  • भाग: स्टिग्मा, स्टाइल, ओवरी; ओवरी में प्लासेंटा से जुड़े ओवियूल।
  • एनाट्रोपस ओवियूल: माइक्रोपाइल (छिद्र), चालाजा (विपरीत सिरा), इंटेग्यूमेंट, न्यूसेलस (पोषक ऊतक), फ्यूनिकल (डंठल), हाइलम (जुड़ाव बिंदु)।
  • एम्ब्रियो सैक (8-न्यूक्लिएट, 7-सेल): माइक्रोपाइल छोर पर एग एपरैटस (1 एग + 2 सिनेर्जिड विथ फिलीफॉर्म एपरैटस), केंद्र में 2 पोलर न्यूक्लियस, चालाजा छोर पर 3 एंटिपोडल।

माइक्रोस्पोरोजेनेसिस बनाम मेगास्पोरोजेनेसिस

  • माइक्रोस्पोरोजेनेसिस: PMC मियॉसिस → माइक्रोस्पोर टेट्राड → माइटोसिस → वेजेटेटिव + जेनेरेटिव → 2 नर गैमिट।
  • मेगास्पोरोजेनेसिस: MMC मियॉसिस → 4 मेगास्पोर (3 अपघटित) → 1 कार्यशील; 3 माइटोसिस → 8-न्यूक्लिएट/7-सेल एम्ब्रियो सैक।

परागण: प्रकार और कारक

  • सेल्फ-परागण:
    • ऑटोगैमी: एक ही फूल में।
    • गाइटोनोगैमी: एक ही पौधे के अलग फूलों में।
  • क्रॉस-परागण (ज़ीनोगैमी): अलग पौधों के बीच; विविधता हेतु वांछनीय।
  • अबायोटिक कारक:
    • एनीमोफिली (हवा): गेहूँ, चावल, मक्का; फूल छोटे, बिना रंग/सुगंध; पराग हल्के, सूखे, बहुतायत; स्टिग्मा पंखदार।
    • हाइड्रोफिली (पानी): वैलिस्नेरिया (एपिहाइड्रोफिली), जॉस्टेरा (हाइपोहाइड्रोफिली)।
  • बायोटिक कारक:
    • एंटोमोफिली (कीट): गुलाब, चमेली; चमकीला रंग, मधुरस; पराग चिपचिपे/कंटकित।
    • ऑर्निथोफिली (पक्षी): बड़े, चमकीले फूल; अधिक मधुरस।
    • काइरोप्टरोफिली (चमगादड़): रात में खिलने वाले, गंध प्रबल, गहरे रंग।

आउट-ब्रीडिंग डिवाइसेज़ (स्वपरागण रोकना)

  • यूनीसेक्शुअलिटी: नर–मादा फूल अलग; उदाहरण: पपीता।
  • डाइकोगैमी: नर/मादा अंगों का असमय परिपक्व होना; प्रोटैंड्री (नर पहले), प्रोटोगिनी (मादा पहले)।
  • हेटेरोस्टाइली/हेटेरोमोर्फी: स्टाइल-एंथर की लंबाई में भिन्नता।
  • सेल्फ-इनकम्पैटिबिलिटी: आनुवंशिक असंगतता से स्वपरागण अस्वीकार।

पराग–पिस्टिल अंतःक्रिया और परागनलिका पथ

  • संगत पराग स्टिग्मा पर अंकुरित; पराग नलिका माइक्रोपाइल (पोरोगैमी), चालाजा (चालाजोगैमी) या इंटेग्यूमेंट (मेसोगैमी) मार्ग से एम्ब्रियो सैक तक।

डबल फर्टिलाइज़ेशन और महत्व

  • सिंगैमी: 1 नर गैमिट + एग → ज़ाइगोट (2n)।
  • ट्रिपल फ्यूज़न: 1 नर गैमिट + सेकेंडरी न्यूक्लियस (n+n) → प्राइमरी एंडोस्पर्म न्यूक्लियस (3n)।
  • महत्व: पहले खाद्य ऊतक (एंडोस्पर्म) सुनिश्चित; भ्रूण को पोषण; पॉलीएंब्रायनी नियंत्रण; संसाधन दक्षता।

एंडोस्पर्म: प्रकार और विकास

  • कार्य: पोषक ऊतक; 3n; भ्रूण को पोषण।
  • प्रकार:
    • न्यूक्लियर: केवल नाभिकीय विभाजन; दीवार बाद में/नहीं; नारियल पानी इसका उदाहरण।
    • सेलुलर: विभाजन के साथ दीवार गठन; नारियल का गिरी (खोपरा)।
    • हेलोबियल: एक छोर पर तीव्र विभाजन; हेलोबियल पौधों में।
  • क्रम: फ्यूज़न → PEN बने → विभाजन/दीवार-निर्माण → पोषण संचय।

एम्ब्रायोजेनेसिस (भ्रूण विकास)

  • ट्रिगर: एंडोस्पर्म बनने के बाद आरंभ।
  • ज़ाइगोट → दो सेल: बेसल (सस्पेंसर) + टर्मिनल (एम्ब्रियो इनिशियल)।
  • सस्पेंसर: 6–10 कोशिकीय; माइक्रोपाइल छोर पर हैस्टोरियम; निचले भाग में हाइपोफाइसिस।
  • एम्ब्रियो आकृतियाँ: ग्लोब्यूलर → हार्ट-शेप्ड → टॉरपीडो; अंततः प्लीम्यूल (शूट), रैडिकल (रूट), कॉटिलेडॉन का निर्माण।
  • मोनोकॉट बनाम डाइकोट: मोनोकॉट में कोलियोप्टाइल/कोलियोराइज़ा; डाइकोट में दो कॉटिलेडॉन।

बीज और फल, डॉर्मेंसी

  • एंडोस्पर्मिक (एल्ब्यूमिनस): एंडोस्पर्म शेष; कॉटिलेडॉन पतले।
  • नॉन-एंडोस्पर्मिक (एक्स-एल्ब्यूमिनस): एंडोस्पर्म उपभोगित; कॉटिलेडॉन मोटे।
  • डॉर्मेंसी: प्रतिकूल परिस्थितियों में अस्थायी निष्क्रियता; अनुकूल होने पर अंकुरण।

विशेष अवस्थाएँ: एपोमिक्सिस, पार्थेनोकार्पी, पॉलीएंब्रायनी

  • एपोमिक्सिस: गैमिट/निषेचन बिना बीज बनना; प्रकार:
    • नॉन-रिकरेंट एपोमिक्सिस: पार्थेनोजेनेसिस (एग से भ्रूण बिना निषेचन)।
    • रिकरेंट/एडवेंटिव: न्यूसेलस/इंटेग्यूमेंट से भ्रूण।
  • पार्थेनोकार्पी: निषेचन बिना फल; बीजरहित फल।
  • पॉलीएंब्रायनी: एक बीज में कई भ्रूण; कारण:
    • एडवेंटिव (न्यूसेलर कोशिकाएँ विभाजित होकर)।
    • क्लिवेज (भ्रूण का बार-बार विभाजन)।

महत्वपूर्ण विषय-सार तालिका

विषयमुख्य बिंदुमहत्वपूर्ण उदाहरण/तथ्य
प्रजनन प्रकारलैंगिक, अलैंगिक, वानस्पतिकविविधता, प्रतिलिपि, अंगों से संवर्धन
एंथर परतेंएपिडर्मिस, एंडोथीसियम, मिडिल, टैपेटमसुरक्षा, डीहिसेंस, अल्पकालिक, पोषण
परागकण आवरणExine (स्पोरोपोलिनिन), Intineदृढ़ सुरक्षा, जर्म-पोर से नलिका
एम्ब्रियो सैक (7-सेल)1 एग, 2 सिनेर्जिड, 2 पोलर न्यूक्लि., 3 एंटिपोडलफिलीफॉर्म एपरैटस सिनेर्जिड में
परागण प्रकारऑटोगैमी, गाइटोनोगैमी, ज़ीनोगैमीहवा/पानी/कीट/पक्षी/चमगादड़
डबल फर्टिलाइज़ेशनसिंगैमी + ट्रिपल फ्यूज़नज़ाइगोट (2n), PEN→एंडोस्पर्म (3n)
एंडोस्पर्म प्रकारन्यूक्लियर, सेलुलर, हेलोबियलनारियल पानी (न्यूक्लियर), गिरी (सेलुलर)
आउट-ब्रीडिंग डिवाइसयूनीसेक्शुअलिटी, डाइकोगैमी, हेटेरोस्टाइली, SIपपीता; प्रोटैंड्री/प्रोटोगिनी
विशेष अवस्थाएँएपोमिक्सिस, पार्थेनोकार्पी, पॉलीएंब्रायनीन्यूसेलर एम्ब्रियो; बीजरहित फल

Key Terms & Definitions

  • अलैंगिक प्रजनन: बिना गैमिट संलयन के प्रजनन, एक जनक।
  • वानस्पतिक प्रजनन: जड़/तना/पत्ती से नया पौधा।
  • माइक्रोस्पोरोजेनेसिस: परागकण (नर गैमिटोफाइट) बनने की प्रक्रिया।
  • मेगास्पोरोजेनेसिस: एम्ब्रियो सैक (मादा गैमिटोफाइट) बनने की प्रक्रिया।
  • एनीमोफिली/हाइड्रोफिली/एंटोमोफिली: हवा/पानी/कीट द्वारा परागण।
  • सिंगैमी: एग व नर गैमिट का संलयन; ज़ाइगोट निर्माण।
  • ट्रिपल फ्यूज़न: नर गैमिट व सेकेंडरी न्यूक्लियस का संलयन; PEN।
  • एंडोस्पर्म: 3n पोषक ऊतक; भ्रूण के लिए भोजन।
  • सस्पेंसर: भ्रूण को एंडोस्पर्म की ओर धकेलने वाला अस्थायी संरचनात्मक तंत्र।
  • सेल्फ-इनकम्पैटिबिलिटी: स्वपरागण अस्वीकरण की आनुवंशिक प्रणाली।
  • एपोमिक्सिस: निषेचन के बिना बीज निर्माण।
  • पार्थेनोकार्पी: निषेचन बिना फल निर्माण (बीजरहित)।
  • पॉलीएंब्रायनी: एक बीज में अनेक भ्रूण।

Action Items / Next Steps

  • एनाट्रोपस ओवियूल, एंथर टीएस, परागकण संरचना, एम्ब्रियो सैक के डायग्राम का अभ्यास करें।
  • माइक्रोस्पोरोजेनेसिस और मेगास्पोरोजेनेसिस के चरणों का फ्लोचार्ट बनाकर रटें।
  • परागण प्रकारों के अनुकूलन व उदाहरण (गेहूँ/वैलिस्नेरिया/गुलाब/सनबर्ड/बैट) याद रखें।
  • आउट-ब्रीडिंग डिवाइस (डाइकोगैमी, हेटेरोस्टाइली, SI) के परिभाषा-उदाहरण तैयार रखें।
  • डबल फर्टिलाइज़ेशन की घटना और एंडोस्पर्म प्रकारों पर शॉर्ट-नोट्स तैयार करें।