गोंडवाना क्षेत्र (मध्य प्रदेश, महानदी, गोदावरी, महाराष्ट्र, सेंट्रल और ईस्ट इंडिया)
हिमालय क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर)
उच्च गुणवत्ता का कोयला (एंथ्रेसाइट): इंडिया लिमिटेड
आयरन और कोल के लिए प्रमुख क्षेत्र:
छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस
प्रमुख उत्पादक क्षेत्र:
गुजरात (1976 से), मुंबई हाई, असम, आंध्र प्रदेश
पेट्रोलियम रिफाइनरी: कोचीन, मैंगलोर, चेन्नई, ट्रॉम्बे, मुंबई
तेल और गैस का पुल्ल: कृष्णा-गौदावारी बेसिन, राजस्थान
नियंत्रण और वितरण:
पाइपलाइनों से देशभर में सप्लाई किया जाता है
परमाणु ऊर्जा
परमाणु ऊर्जा के प्लांट्स:
राजस्थान, झारखंड, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश
प्रमुख यूरेनियम स्थल:
झारखंड, राजस्थान, झुंझुनू, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र
प्रमुख वैज्ञानिक योगदान:
होमी जहांगीर भाभा
हाइड्रोपावर (जल विद्युत)
प्रमुख योजनाएं:
भाखड़ा डैम, टिहरी डैम, कृष्णा गंगा प्रोजेक्ट, गांधी सागर, राणा प्रताप सागर
प्रमुख राज्य:
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक
नॉन-कन्वेंशनल ऊर्जा स्रोत
सोलर एनर्जी
उपयोगिता: राजस्थान, कर्नाटक
अनुसंधान केंद्र: सोलर एनर्जी रिसर्च सेंटर
विंड एनर्जी
प्रमुख हब:
तमिलनाडु (कन्याकुमारी)
गुजरात, महाराष्ट्र
टाइडल एनर्जी
प्रमुख क्षेत्र:
खंभात: गुजरात, सुंदरबन
ओशन थर्मल एनर्जी कन्वर्जन (OTEC)
जियोथर्मल एनर्जी
प्रमुख स्थल:
मणिकरण साहिब, हिमाचल प्रदेश
हेमकुंड साहिब, उत्तराखंड
बायोमास और बायोगैस
सूल्फबायोमास गैसीफायर, म्युनिसिपल वेस्ट
बायो- डीजल निर्माण: प्लांट्स जैसे जेट्रोफा
निष्कर्ष
ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों में आज भी कोल का बड़ा रोल है, किंतु ग्रीनहाउस प्रभाव और अन्य पर्यावरणीय चिंताओं को देखते हुए, अपरंपरागत ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा मिल रहा है।