💵

कैश फ्लो स्टेटमेंट का महत्व और प्रक्रिया

Aug 7, 2024

कैश फ्लो स्टेटमेंट की परिभाषा

परिचय

  • कैश फ्लो स्टेटमेंट एक महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज है जो किसी कंपनी में नकद और नकद समतुल्य के प्रवाह और बहिर्वाह का रिकॉर्ड रखता है।
  • वित्तीय स्थिति को समझने में मदद करता है, खासकर प्रोफिट और लॉस स्टेटमेंट और बैलेंस शीट के संदर्भ में।

महत्व

  • नकद प्रवाह का ट्रैकिंग: कंपनी के पास नकद की उपलब्धता और उसकी लिक्विडिटी को समझने में मदद करता है।
  • वित्तीय निर्णय: नकद प्रवाह के आधार पर कंपनी अपने वित्तीय निर्णय ले सकती है।

उदाहरण

  • एक उदाहरण के जरिए समझाया गया, जिसमें चिंटू नामक व्यक्ति ने नकद प्रवाह का पूरा ध्यान नहीं रखा और उसे परेशानी का सामना करना पड़ा। इस उदाहरण से यह समझाया गया कि नकद प्रवाह की निगरानी क्यों ज़रूरी है।

कैश फ्लो स्टेटमेंट के घटक

मीनिंग

  • कैश फ्लो स्टेटमेंट एक ऐसा स्टेटमेंट है जो नकद और नकद समतुल्य के प्रवाह और बहिर्वाह का रिकॉर्ड रखता है।

मेथड

  • डायरेक्ट मेथड और इनडायरेक्ट मेथड के जरिए तैयार किया जाता है।
  • इस लेक्चर में केवल इनडायरेक्ट मेथड को कवर किया गया।

कैश और कैश इक्विवेलेंट्स

  • नकद: नकद राशि
  • नकद समतुल्य: बैंक बैलेंस, चेक, ड्राफ्ट, मार्केटेबल सिक्योरिटी, और करंट इन्वेस्टमेंट

कैश फ्लो स्टेटमेंट के पार्ट्स

ऑपरेटिंग एक्टिविटी

  • नकद प्रवाह जो कंपनी के मुख्य व्यापारिक कार्यों से आता है।
  • इसमें तीन मुख्य घटक होते हैं:
    1. नेट प्रॉफिट बिफोर टैक्स (कर से पहले का शुद्ध लाभ)
    2. ऑपरेटिंग प्रॉफिट बिफोर वर्किंग कैपिटल चेंज (कार्यशील पूंजी परिवर्तन से पहले का ऑपरेटिंग लाभ)
    3. कैश जेनरेटेड फ्रॉम ऑपरेशंस (ऑपरेशंस से उत्पन्न नकद)

इन्वेस्टिंग एक्टिविटी

  • नकद प्रवाह जो निवेश गतिविधियों से आता है।
  • मुख्यतः फिक्स्ड असेट्स और नॉन करंट इन्वेस्टमेंट्स से जुड़ी गतिविधियाँ:
    • फिक्स्ड असेट्स की बिक्री/खरीद
    • नॉन करंट इन्वेस्टमेंट की बिक्री/खरीद

फाइनेंसिंग एक्टिविटी

  • नकद प्रवाह जो वित्तीय गतिविधियों से आता है।
  • मुख्यतः शेयर कैपिटल और लोन से जुड़ी गतिविधियाँ:
    • शेयर इश्यू/रिडेम्प्शन
    • लोन लेना/वापस करना

कैश फ्लो स्टेटमेंट का फॉर्मेट

  1. कैश फ्लो फ्रॉम ऑपरेटिंग एक्टिविटी

    • नेट प्रॉफिट बिफोर टैक्स
    • ऐड: नॉन कैश नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस
    • लेस: नॉन कैश नॉन ऑपरेटिंग इनकम
    • ऑपरेटिंग प्रॉफिट बिफोर वर्किंग कैपिटल चेंज
    • ऐड/लेस: करंट एसेट्स और करंट लायबिलिटीज में बदलाव
    • ऑपरेटिंग कैश फ्लो
  2. कैश फ्लो फ्रॉम इन्वेस्टिंग एक्टिविटी

    • फिक्स्ड असेट्स और नॉन करंट इन्वेस्टमेंट्स से संबंधित नकद प्रवाह
  3. कैश फ्लो फ्रॉम फाइनेंसिंग एक्टिविटी

    • शेयर कैपिटल और लोन से संबंधित नकद प्रवाह
  4. नेट इंक्रीज/डिक्रीज इन कैश एंड कैश इक्विवेलेंट्स

    • तीनों गतिविधियों का कुल जोड़
  5. ओपनिंग कैश एंड कैश इक्विवेलेंट्स

    • बैलेंस शीट में दिया हुआ प्रारंभिक नकद राशि
  6. क्लोजिंग कैश एंड कैश इक्विवेलेंट्स

    • फाइनल अमाउंट जो कुल कैश फ्लो को दर्शाता है।

निष्कर्ष

  • कैश फ्लो स्टेटमेंट का सही और सटीक निर्माण वित्तीय स्थिति की स्पष्टता प्रदान करता है और भविष्य के वित्तीय निर्णयों को सही दिशा में ले जाने में मदद करता है।