लेबर लॉ और संविधान का टॉपिक्स
गुड मॉर्निंग और टाइमिंग की रिक्वेस्ट
- वक्त पर कक्षा में आने की अपील
- कक्षा का समय: 1:00 बजे
पिछले लेक्चर का रिवीजन
- कानून और संविधान: संविधान सभी कानूनों का मूल स्रोत है।
- फंडामेंटल राइट्स (आर्टिकल 14-35)
- डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स (आर्टिकल 36-51)
- लेबर लॉ का संविधान से जुड़ाव
- आर्टिकल 43: कार्यकर्ताओं की प्रबंधन में भागीदारी
- आर्टिकल 24: बाल मजदूरी पर प्रतिबंध
- चाइल्ड एंड एडोलसेंट लेबर एक्ट 1986
आर्टिकल्स और केस स्टडीज
- आर्टिकल 21 (जीने का अधिकार)
- महत्वपूर्ण केस:
- ओल्गा टेलिस वर्सेस बॉम्बे मुंसिपल कॉरपोरेशन
- पीपल यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स केस
- आर्टिकल 14 (समानता का अधिकार)
- केस: एयर इंडिया वर्सेस नरगेश मिर्जा
- आर्टिकल 19: संघ बनाने का अधिकार
- केस: दमयंती नारंगा वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया
लेबर लॉ के महत्वपूर्ण एक्ट्स
- इक्वल पे फॉर इक्वल वर्क: यह स्टेट की जिम्मेदारी है
- सोशल सिक्योरिटी एक्ट
सोशल जस्टिस और इंडस्ट्रियल लॉज
- सोशल जस्टिस का अर्थ है सभी को समान अवसर
- स्टेट ऑफ मैसूर वर्सेस वर्कर्स ऑफ गोल्ड माइन: सामाजिक और आर्थिक न्याय का मामला
केस लॉज के माध्यम से समझ
- महेश चंद्रा केस: लेबर लॉ का सामाजिक न्याय के लिए उपयोग
- बंधवा मुक्ति संगठन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया: बंधुआ मजदूरों के अधिकार
कक्षा का समापन
- वॉइस नोट्स बनाना आवश्यक
- केस लॉ और आर्टिकल्स का चार्ट बनाना
- अगले लेक्चर के लिए तैयारी करना
महत्वपूर्ण नोट्स: लेबर लॉ और संविधान के विभिन्न पहलुओं को समझना महत्वपूर्ण है। सभी आर्टिकल्स और केस लॉज को ध्यान में रखते हुए इसका अध्ययन करें ताकि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।