Coconote
AI notes
AI voice & video notes
Try for free
🧲
न्यूटन लॉ ऑफ मोशन
Jul 18, 2024
न्यूटन लॉ ऑफ मोशन
परिचय
न्यूटन लॉ ऑफ मोशन क्लासिकल फिजिक्स का हिस्सा है।
न्यूटन के समय (1642-1727) में न्यूटोनियन मैकेनिक्स का विकास हुआ।
इस लेक्चर में न्यूटन के तीन कानूनों की चर्चा की जाएगी।
फोर्स (बल)
फोर्स किसी वस्तु की स्थिति या गति को बदल सकता है।
फोर्स की यूनिट न्यूटन होती है (N)।
फोर्स के प्रकार:
कॉन्टैक्ट फोर्स (संपर्क बल)
नॉन-कॉन्टैक्ट फोर्स (असंपर्क बल)
ग्रैविटेशनल फोर्स (गुरुत्वाकर्षण बल)
इलेक्ट्रोस्टैटिक फोर्स (स्थैतिक बिजली बल)
मैग्नेटिक फोर्स (चुंबकीय बल)
न्यूक्लियर फोर्स (नाभिकीय बल)
टाइप्स ऑफ फोर्सेज
नॉन-कॉन्टैक्ट फोर्स में ग्रैविटेशनल, इलेक्ट्रोस ्टैटिक और मैग्नेटिक फोर्स शामिल हैं।
कॉन्टैक्ट फोर्स में टेंशन, नार्मल रिएक्शन, स्प्रिंग और फ्रिक्शन फोर्स शामिल हैं।
उदाहरण के लिए, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्स कॉन्टैक्ट फोर्स का हिस्सा है।
यूनिफिकेशन ऑफ फोर्सेज
वैज्ञानिक प्रयासरत हैं कि सभी फोर्सेज को यूनिफाई किया जा सके।
न्यूटन के तीन कानून (Newton's Three Laws of Motion)
न्यूटन का पहला कानून (First Law of Motion)
यदि किसी वस्तु पर कोई नेट फोर्स नहीं लगता तो वह वस्तु स्थिर रहेगी या स्थिर गति से चलती रहेगी।
इसे हम लॉ ऑफ इनर्शिया भी कहते हैं।
उदाहरण: यदि कोई वस्तु स्थिर है तो वह स्थिर रहेगी या यदि वह गति में है तो उसी गति से चलती रहेगी जब तक उस पर कोई बाह्य बल न लगाया जाए।
फ्री बॉडी डायग्राम (Free Body Diagram)
किसी वस्तु पर लगने वाले सभी बलों को दर्शाने का तरीका।
रेफरेंस फ्रेम का उपयोग होता है।
सामान्य बल (Normal Force)
यह बल वस्तु को सतह के परपेंडिकुलर दिशा में लगता है।
तनाव बल (Tension Force)
तनाव बल किसी स्ट्रिंग में होता है।
बल हमेशा स्ट्रिंग से दूर दिशा में होता है।
निष्कर्ष
हमने न्यूटन के पहले कानून और फोर्स की विभिन्न प्रकारों की चर्चा की।
अगले लेक्चर में हम न्यूटन के दूसरे कानून की चर्चा करेंगे।
सवाल और प्रैक्टिस के माध्यम से समझ को और गहरा किया जा सकता है।
📄
Full transcript