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मणि सप्लाई का परिचय

Jun 13, 2025

Overview

इस लेक्चर में मणि सप्लाई (Money Supply) के मुख्य डिटर्मिननेंट्स, हाई पावर मणि, क्वांटिटी थ्योरी ऑफ मणि और लिक्विडिटी एग्रीगेट्स जैसे महत्वपूर्ण बैंकिंग विषयों को विस्तार से समझाया गया है।

मणि सप्लाई और उसके डिटर्मिननेंट्स

  • मणि सप्लाई का अर्थ है देश में सर्कुलेट हो रही कुल मुद्रा।
  • मणि सप्लाई मुख्यतः पब्लिक के पास कैश और गवर्नमेंट/बैंक के रिज़र्व पर निर्भर करती है।
  • रिज़र्व जितना अधिक होगा, उतनी अधिक मणि सप्लाई हो सकती है।
  • सरकार या बैंक अपने रिज़र्व के अनुसार ही करेंसी जेनरेट कर सकते हैं।
  • मणि सप्लाई स्वतन्त्र रूप से नहीं बढ़ाई जा सकती; इसके लिए नियम व रिज़र्व ज़रूरी हैं।

मणि सप्लाई के मुख्य निर्धारक (Determinants)

  • दो मुख्य निर्धारक: मॉनेटरी बेस (Monetary Base) और मणि मल्टीप्लायर (Money Multiplier)।
  • मॉनेटरी बेस जितना ज़्यादा, मणि सप्लाई उतनी अधिक।
  • मणि मल्टीप्लायर का बढ़ना, मणि सप्लाई में वृद्धि करता है।
  • रिज़र्व रेश्यो (Reserve Ratio) कम होगा तो अधिक क्रेडिट विस्तार संभव है।
  • करेंसी रेश्यो (Currency Ratio) करेंसी की डिमांड व डिपॉज़िट के अनुपात को दर्शाता है।

मॉनेटरी बेस और मणि मल्टीप्लायर

  • मॉनेटरी बेस वह फंड है जिसके आधार पर मणि सप्लाई होती है; इसे सेंट्रल बैंक नियंत्रित करता है।
  • मणि मल्टीप्लायर का पॉजिटिव इन्फ्लुएंस होता है; यह जितना अधिक होगा, मणि सप्लाई उतनी ही बढ़ेगी।

हाई पावर मणि (High Powered Money)

  • हाई पावर मणि को मॉनेटरी बेस भी कहते हैं।
  • यह देश की मॉनेटरी अथॉरिटी (जैसे RBI) द्वारा निर्मित होती है।
  • इसमें नकद करेंसी (नोट, सिक्के) और बैंक के रिज़र्व दोनों सम्मिलित होते हैं।
  • इसकी मात्रा बढ़ने पर देश में मणि सप्लाई बढ़ती है।

क्वांटिटी थ्योरी ऑफ मणि

  • यह सिद्धांत कहता है कि वस्तुओं और सेवाओं के दाम मणि सप्लाई की मात्रा से सीधे प्रभावित होते हैं।
  • यदि मणि सप्लाई दोगुनी होती है तो सामान्य मूल्य स्तर भी दोगुना हो जाता है।
  • सामान्य शब्दों में, मणि की डिमांड और वस्तुओं की डिमांड एक-दूसरे से जुड़ी हैं।

लिक्विडिटी एग्रीगेट्स

  • लिक्विडिटी एग्रीगेट्स वे वित्तीय संसाधन हैं जिन्हें आसानी से मुद्रा में बदला जा सकता है।
  • इनके माध्यम से देश में त्वरित वित्तीय लेन-देन संभव होते हैं।

Key Terms & Definitions

  • मणि सप्लाई — देश की कुल सर्कुलेटिंग मुद्रा।
  • मॉनेटरी बेस — केंद्रीय बैंक के पास कुल रिज़र्व और कैश।
  • मणि मल्टीप्लायर — वह अनुपात जिससे बैंक अपनी जमा राशि से अधिक ऋण दे सकते हैं।
  • हाई पावर मणि — आरबीआई द्वारा निर्मित नोट, सिक्के और बैंक रिज़र्व का योग।
  • रिज़र्व रेश्यो — बैंक द्वारा रखी जाने वाली कुल जमा राशि का प्रतिशत।
  • करेंसी रेश्यो — ग्राहकों द्वारा रखी गई नकद राशि और बैंक डिपॉज़िट का अनुपात।
  • लिक्विडिटी एग्रीगेट — वे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स जो तुरंत नकद में बदले जा सकते हैं।

Action Items / Next Steps

  • मणि सप्लाई के चारों डिटर्मिननेंट्स (Monetary Base, Money Multiplier, Reserve Ratio, Currency Ratio) के परिभाषा और उदाहरण याद करें।
  • हाई पावर मणि और क्वांटिटी थ्योरी ऑफ मणि के कांसेप्ट लिखकर अभ्यास करें।
  • अगली कक्षा के लिए संबंधित प्रश्नों का हल तैयार करें।