हेलो स्ट्रेंड्स कैसे हैं आप सब लोग तो आज से हम लोग शुरू करेंगे इंडियन इकनॉमिक डेवलप्मेंट इसके 10 चैप्टर्स हैं और जिसमें से आपके सेलवर्स में सिर्फ 8 चैप्टर है जिनको आपने करना है मैं एक बात बता दूँ थियोरी है डाटा भरा पड़ा है आईडी 40 नंबर की हर एक चैप्टर जो है लगबग क्लास 5-5 marks का weightage cover करता है और मैं कोशिश करूँगा जो छोटे-छोटे chapters है उनके one shot बना दूँ जो बड़े chapters है उनको part में बना दूँ लेकिन मैं कोशिश करूँगा next one month के अंदर आपका पूरी तरीके से Indian economic development खतम करा दू macro में हमने already national income को खतम कर दिया है और दो-तीन दिन में money banking भी हमारा खतम हो जाएगा और class multiple videos आ रहे हैं daily शाम को 5 बजे, 6 बजे, 7 बजे तो please आप कोशिश करो कि इस chapter को बहुत अच्छे समझना जो इतना भी examination point of view से important है और पूरा का पूरा chapter class में आपको कराने वाला हूँ next 40 to 45 minutes के अंदर complete chapter बहुत अच्छे समझा दूँगा class आपको पूरा का पूरा मज़ा आएगा chapter में कहीं कोई दिक्कत नहीं आएगी तो start करते हैं अपनी Indian Economic Development का class 12 economics का पहला chapter Indian Economy आजादी एक एक तो नहीं मिल गई हमको ऐसा तो नहीं हुआ कि अभी तक गुलाम थे अचानक से बचला भी आज से हम आजाद हो गए नहीं आजादी का प्रोसेस काफी टाइम पहले से ही चालू हो गया था हमें पता था कि कभी भी आजादी मिल सकती है किसी भी आने वाले टा उसी को हम लोग बोलते हैं Eve of Independence यानि कि आजादी मिलने से पहले का जो समय है और उस समय में भारत के हालात कैसे थे वो सारा का सारा हमें इस चेप्टर के अंदर पढ़ना है तो सबसे पहले बात करते हैं एक बैटल की एक युद्ध की जो छिड़ी थी क्लास सिर्राज उदुल्ला जो बैंगॉल के नवाब थे और रोबर्ट क्लाइव जो क्लास इस बैटल की अगवाई कर रहे थे ये एक ऐसी लड़ाई थी जहांपे क्लास 23rd of June 1757 से लेकर पंदर आगस तक लगबग 190 साल तक भारत गुलाम बना रहा और फिर फाइनली क्लास 23 जून 17 फाइनली क्लास हमे��� आजादी मिली और एक बैटल लड़ा गया था इसका नाम था क्लास बैटल ओप प्लाजे 23 जून 1757 ये डेट ध्यान रखना जिस डेट पे क्लास बैटल लड़ा गया था पूरे की पूरे इंडिया में क्लास फैल जाते हैं तो basic purpose था अंग्रेजों का जो British colonial rule आया था उसका basic purpose क्या था देखो उस time पे बृतन में industries बनने लगी थी कारखाने बनने लगे थे उस time पे और हम लोग खेती बाड़ी ही कर रहे थे लेकिन इंडिया का class location ऐसा है इंडिया rich है in terms of class जो भी raw material उनकी industry के लिए चाहिए cotton, silk, jute हो गया इस सब के लिए इंडिया बहुत rich है rich in terms of food grain कि हमारे हाँ industry बनी हुई है ब्रिटन ने क्या सोचा अब वो इस कबजा कर रहे थे इंडिया के उपर तो यहाँ से सारा का सारा raw material उठा कर ले जाओ अपने देश के अंदर वहाँ कारखानों में as a raw material वो इसको use करो उससे finish goods बनाओ और पूरे के पूरे देश भर में world भर में सारा का सारा raw material 200 साल तक लूटा गया इंडिया को class बुरी तरीके सिर्फ और सिर्फ अपने देश के बेटरमेंट के लिए, अपने देश के अडवांसमेंट के लिए, और अपने देश में होने वाले इंडस्ट्रलाइजेशन प्रोसिस को प्रमोट करने के लिए, उन्होंने इंडिया से सारा का सारा रॉम मेटिल उठाया, और अपने देश मे पीडियां उसके अंदर गुजर गई और फाइनली क्लास हमारे स्वतंता सेनानियों ने हमें क्लास आजादी देलाई और जिसके विशे क्लास आजादी हमारे पास है फिरिडम हमारे पास है तो बेसिक परपस क्या था British Colonial Rule का over India was to use the resources of India इंडिया की resources का use करना for the development of Britain in the process of industrialization बट मशीन में raw material तो चाहिए, तो इंडिया से class इन्होंने raw material उठाकर अपने देश में shift करना चालू कर दिया, ठीक है? तो सुरुवात कहां से हुई class बिरिटिशर्स की? इस्ट इंडिया कंपनी से, 23 जून 1757 अब कुछ important definition जो पता होना चाहिए आपको colonial rule कहते किसको है colonial rule एक ऐसी policy है, एक ऐसी practice है जहाँ पे एक ताकतवर country जो है कमजोर country के उपर कभजा जमा लेती है और उनकी resources को exploit करती है class अपनी country के फाइदे के लिए जो ruling country होती है, जो उसको चला रही है British government राज कर रही थी तो वो class इंडिया से सारा का सारा raw material उठा कर अपने देश में ले जाये करते थे, क्लास, यानि की समंदर जो के जहाज होते हैं, उनके थूँ अपने देश में ले जाये करते थे, इस रूल को बोलते हैं, एक प्राप्तित रूल है, जहाँ एक बच्चा बच्चा, एक प्राप्तित रूल है, जहाँ एक बच्चा बच्चा, एक प्राप्तित रूल है, जहाँ एक बच्चा बच्चा, एक प्राप्तित रूल है, जहाँ एक बच्चा बच्� Health Care Services अच्छे नहीं है, लोगों के death बहुत ज्यादा होती है, बच्चे बहुत ज्यादा पैदा होती है, education की कमी, par capita income बहुत कम है, और जाधातर लोग class खेती बाड़ी पर, लगबख 85% लोग उस time पे खेती बाड़ी ही कर, developing economy किसे कहते हैं class, developing economy ऐसी economy है, जहांपे class low industrial base है, लेकिन agriculture से देखो, ये तो पूरा agriculture पे backward है, ये क्या है, developing है, धीरे धीरे agriculture से industry की तरफ, शिफ्ट करते चले जा रहे हैं, कारखाने बनाना चालू करें, लिविंग स्टानेट धीरे धीरे बढ़ रहा है, हेल्थ एजुकेशन सर्विसेस धीरे धीरे बढ़ रहा है, GDP पर कैपिटर, GDP पर कैपिटर नाशनल इंकम, तीनों सेक्टर का contribution GDP में क्लास बराबर का लगबग होना चाहिए, और फिर सर्विस सेक्टर जहां पे क्लास कारखानों से जगे तक समान पहुचाया जाता है, वो सर्विस सेक्टर है तो इसको बोलते हैं डेवलपिंग एकॉनिमी, जो धीरे धीरे एग्रीकल्चर से शिफ्ट हो रही है अच्छा आपना stagnant economy क्या है चमकीली, vibrant economy एक ऐसी economy जहाँ पे high technological growth है नहीं वो vibrant economy है stagnant economy, stagnant मतलब slow growth है या no growth stagnant economy एक ऐसी economy है जहाँ पे slow growth है या no growth है जिस country में growth ही नहीं है आजादी मिलने के बाद लगबग 15-20 साल आजादी मिलने के बाद तक हमारा agriculture का growth बिलकुल zero था दिपेंडेट सोचो क्लास हमारी कंट्री में कृषि प्रधान देश है भारत और 1965 से पहले 47 के बाद हम लोग अनाज के लिए अमेरिका भी डिपेंडेट है अमेरिका लिटरली हमें अनाज दिया करता था आप सोचो तो इसको बोलते हैं स्टागनेट एकॉनमी स्टागनेट मत कि कुछ न कुछ वीडियो इंस्टाग्राम पर फिर क्लास यूट्यूब पर यह कहीं न कहीं जरूर देखा जहां पर जापान की टेक्नोलॉजी बहुत आगे है वह चार सौंपांसों किलोमेटर की बुलेट ट्रेन में सफर करते हैं वहां पर क्लास बिल्कुल ही नहीं ने टेक्नोलॉजी, नई नेट टेक्नोलॉजी, हर जगह यूज़ करते हैं, प्रड़क्शन प्रोसेस में, अपने डेट उडे लाइफ में, हर जगह एक लास बहुत तेजी से वो नई नेट टेकनोलॉजी को अपडेट करते चले जा रहे हैं, उसको बोलते हैं, पाइबरेंट इ वह विशेष और विशेष पैटर्न में चोटे-चोटे पेड़ों से बहुत ज्यादा आउटपूट निकाला जाता है और ज्यादातर अनाज वह ज्यादातर चीजें उगाई जाती हैं एग्रिकल्चर सेक्टर में भी वह चीज ज्यादातर मार्केट के लिए होती है वह चीज बेची जाती है क्लास मेन मोटिव प्रॉफिट मोटिव हमारे कंट्री में क्या था कि भाई हम एक्शन बारी क्यों कर रहे हैं कि हमें अनाज की जरूरत है हमें बेचने का कोई इराद नहीं था हमारे दिमाग में आता वह एक्सचेंज कर लिया कुछ इस माध्यम चलता अपने लिए क्लास जीते थे अपने लिए कंजब्शन करते थे और अपने लिए ही प्रडक्शन कर देते लेकिन क्लास ये economy class basically market oriented मुनाफ़ा कमाने के लिए काम किया जाता है अगला है class amputated economy कभी अगर आ गया है कहीं पर class तो आपको word समाज़ में आना चाहिए बहुत वो डिस्क्रिमिनेशन चालू किया, हमारे यहाँ कभजा करने के लिए उन्होंने क्लास एक पॉलिसी अपलाई, डिवाइड और रूल, लोगों को उपर एक साथ कभजा नहीं कर सकते, बहुत दुखी बात है, अगर आज के टाइम पे भी जो हमारी सरकारे हैं, वो यही करती सरकार तो अपना क्लास हाई जट प्लस सिक्योरेटी के अंदर रहते हैं, उनका कुछ भी नहीं जा रहा है, लिए आम जनता जिसका कोई लेना देना नहीं है, वो लड़ता है उसके लिए, जिस इंसान से उसका कोई लेना देना नहीं है, जो उसको नहीं जानता है, बस वो किस बेसिस आफ रिलिजियन, बेसिस आफ कास्ट, लांग्वेज और कल्चर लांग्वेज के बिस्टरी क्लास इस्ट पाकिस्तान के बीच में रडाए हुई जो बाद में जाके क्लास बंगलादेज बना ताकि आपको मज़ा भी आए और class जो चीज़े बता रहा हूँ class बहुत आराम से smoothly पूरा गबरा chapter खतम हो जाएगा अगला है semi-fiddle economy यह कैसी economy जहाँ पे land settlement system को लाया गया जमिदारी system को लाया गया जमिदारों से बोला गया दबा के लूटो किसानों को दिन रात उनसे काम कराओ और हमें taxes जेती जले जाओ और हम आपको रोकेंगे नहीं आप इनको मारो पिटो कुछ भी करो तो इस system को बोलते हैं class semi-fiddle economy जहाँ पे basically land settlement system एक fiddle relationship बना दिया गया landlord और और टेनेंट के बीच में लैंड और टेनेंट के बीच में गंधा रिलेशनशिप बना दिया गया जहां पर लैंडलोड यानी जमीदार जो है वह हाई रवेन्यू चार्ज करते थे हाई लगान चार्ज करते हैं हाई रवेन्यू चार्ज करते थे लगान चार्ज उनके बच्चों तक से भी क्लास काम करवाते थे कि तुम्हारे पिताजी करजा लेके मर गये थे तो तुम भी काम करो जिन्दगी बर तुम्हारे बच्चे भी काम करेंगे ये सिस्टम था वो बिचारे जाए कहां अपनी बात रखे कहां आज की टाइम पे दिखा है तो ये possible नहीं सोशल मीडिया है, लॉ है ठीक है तो ये कुछ basic definition थी प्रक्टर में क्लास यह पढ़ेंगे कि अंग्रेजों के आने से पहले हमारे हालात कैसे थे और उनके आने के बाद उन्होंने हमारे देश को कैसे अलग-अलग सेक्टर में एग्रीकल्चर हो इंडिस्ट्रियल सेक्टर हो हमारा ट्रेड सेक्टर हो डेमोग्राफिक प्रोफाइल हो और प्लीज वीडियो बच्चे तक आप इसको वीडियो को चार बार में देखो ये चार पार्ट बन जाएगा लेकिन मैं चाहता हूँ एकी बार में अच्छे से क्लास आप एक चेप्टर को पढ़ो और एक दिन आप पूरा दे दो इस चेप्टर के उपर चलो before the advent, advent मतलब आगमन, अंग्रेजो के आने से पहले हमारे हालात कैसे थे जड़ा देख लो अंग्रेजो के आने से पहले हमारी economy prosperous थी, prosperous economy का मतलब होता है self-reliant आत्म निर्भर था, हम लोग किसी के उपर depend नहीं थे, हम अनाज उगाते थे, अपने खाने पीने की चीजे क्ल बारत में कितनी खेती बाड़ी की जाती है, आपने कहें ट्रेन का सफर किया होगा, ट्रेन में आप जहां जहां जाते हो, वहां वहां तक खेती बाड़ी ही दिखती है, इतनी खेती बाड़ी होती है यह जगे, लेकिन फिर भी हमें अनाज को बाहर से इंपोर्ट करना पड़ वह अच्छे से लर्न करेंगे फिलाल इस चैप्टर में एक ही डाइटा इंपोर्टेंट सुरू में बैटल आप प्लाजे 23 जून 1757 वह यह ध्यान रखना आगे जो जो डाइटा आएगा बताऊंगा उसको ध्यान रखना है बस आपने अब यह भी आज के लोग लास्ट अरां अगला क्लास, इंडियन वाज रिच इन टर्म्स फूड ग्रेन, अनाज की हमारे पास कोई कमी नहीं थी, राइस, वीट, मेज, पल्सेस और अदर फूड क्रॉप, इनकी हमारे पास कोई कमी नहीं थी, भरपूर मात्रा में हमारे पास अनाज था, वेल नोउन हेंडी क्राफ्� ज्वेलरी का काम हो, नकाशी करने का काम हो पत्थरों के ऊपर या जो पत्तों से बहुत से डिजाइनिंग बनाई जाती है अलग-अलग कला, संबलपूर की जो साडीज बनाई जाती है या फिर आप पेंटिंग देखो, बिहार के अंदर क्लास दिवारों पे जो कला की जाती है, वो वो बहुत फेमस था और हाथ से बनाया गया हुआ समान हमारा बाहर कंट्री में भी एकसपोर्ट होता था वेल नोन हेंडी क्राफ्ट इंडिस्ट्री हमारा हेंडी क्राफ्ट इंडिस्ट्री क्लास टॉप नोट का था हम लोग चीजों को अपने देश के बाद बाहर एक्सपोर्ट भी किया करते हैं सारे अच्छी चीजें थी हमारी अंग्रेजों के आने से पहले और और क्लास बता जो बंगाल था ना उसकी कुछ area में मुसल्मान लोग जादा रहते थे तो उसको डाल दिया पाकिस्तान के अंदर फिर class पाकिस्तान से लड़ाई हो गई उनकी तो class वो फिर अलग हो गए बंगलादेश बन गए हम आगे चलके पढ़ेंगे और अपने जो शेप नमर 10 है special in places and around Dhaka the finest variety of muslin was called मलमल नाम सुना होगा ना कुर्ती मलमल की यह इतना fine है, इतना हलका कपड़ा है, class, इसको बोलते हैं, class, मसलिन, और यहाँ का origin कहां से है, class, बंगाल से ध्यान नकना, and foreign traveller are used to reference it as a मलमल शाही और मलमल खास, implying that it was worn by or fit for the royalty, तो यह चीजे, class, यह कपड़े, जो एक royalty का shine था, कि यार हम लोग इसको use, जो royal लोग जो है, classes को use कर देते, मकमल खास और मकमल शाही, अच्छा अब हमें देखना है class की अलग-अलग जिगे हमारा जो agriculture sector है, industrial sector है, हमारा जो foreign trade है, occupational structure है, demographic condition है, उसको अंग्रेजों ने कैसे हमारा तबा किया, तो सबसे पहले बात करते हैं, state of Indian economy and agriculture sector during the eve of independence, eve of independence में अंग्रेजों ने हमारा agriculture हमारा जो पूरा का पूरा agriculture sector था ना, जिसको बोलते है primary sector, agriculture, manufacturing, secondary service sector, tertiary sector है, तो हमारा agriculture को खतम करने में class, सबसे पहला जो point था, वो था land settlement system, यानि की जमिदारी system, मैं अभी थोड़े देर पहले बात की, जमिदारी system या land revenue system, एक ऐसा triangular relationship है, किस-किस के बीच में class, एक triangular relationship, यह है आपके landlord और योग्या farmer British government ने landlord से बोला कि भई हमें proper time पे लगान देते हैं उससे में लगान बोलते थे हमें लगान देते रहना जो भी आप अनाज उगाते हैं उसका थोड़ा बहुत हमें भी लगान देते रहना तब ही तुम्हारी जमीदारी maintain रहेगी और तुम किसानों से जितना भी काम करा सकते हो कोड़े से मार मार के काम पहले कराया जाता था कोई human rights नहीं थे कोई fundamental rights नहीं थे कोई freedom of speech कुछ भी नहीं था समझ रहे हैं class बात को अंग्रेजों को बहुत मारा पेटा जाता था, क्लास तोड़ा जाता था, ढंग से उनको, उनसे का, sorry, अंग्रेज जो है इनके साथ अत्याचार करते थे, और ये डबल ट्रिपल अत्याचार इनके साथ करते थे, और ये बिचारे इनके पास जाके कम्प्लेइन भी नहीं लि� जो रोजमर्डा की चीजे हैं वो खरीद पा जाते थे, सबसे ज़्यादा अत्याचार उन लोगों को, उन गरीब किसानों को होता था, जिनके पास जमीन ही नहीं थी केती बड़ी करने के लिए, तो ये बिचारे इनके हाँ काम करते थे, इनको बहुत ज़्यादा, मतलब कम प सेकेंड एक्लास, लो लेविल आफ प्रड़ाक्टिविटी, जमीन हमारे पास बहुत सारी थी, लेकिन उपज बहुत कम, कीड़े मकोड़े खा जाते थे, प्रॉपर इरिगेशन फैसिलिटी, सिचाई करने की प्रॉपर फैसिलिटी नहीं थी, हमारे पास कोई भी खाज डालन एक्टर ऑफ लैंड पर वह बहुत ही ज्यादा कम था उतनी जमीन पर अमेरिका बहुत अनाज उगा रहा है हमारे आनाज नहीं उगरा है ज्यादा अगला एक लास कमर्सिटिशन ऑफ एग्रीकल्चर थर्ड इस कमर्सिटिशन ऑफ एग्रीकल्चर एग्रीकल्चर का कमर्सिटिशन ऑफ एग्रीकल्चर का कमर्सिटिशन ऑफ एग्रीकल्चर का कमर्सिटिशन ऑफ एग्रीकल्चर का कमर्सिटिशन ऑफ एग्रीकल्चर का कमर्सिटिशन ऑफ एग्रीकल्चर का कमर्सिटिशन ऑफ एग्रीकल्च बोलते हैं ना क्लास ठीक है वह रसी तो उससे बनता है तो इन्होंने वह कॉटन सिल्क जूट इंडिगो यह चीजें आप उगाओ अगर आप यह चीजें उगाओगे ना कॉटन सिल्क इंडिगो जूट तो हम आपको ज्यादा पैसे देंगे तो लोग मजबूर हो अब इसके बाद हुआ क्या कि अब इनको अनाज कहां से मिलेगा, इनको पैसे दिये गए, लेकिन फिर ये क्लास पैसे लेके दूर दूर सहर तक जाते थे और अनाज लेकर आते थे, मतलब खाने पीने की भी दिक्कत होने लगी, अब हाँ यह है कि इनको पैसा भी मिलने लगा एप्पल हो चाहे सैमसंग हो आती है हमारे यह कारखाने लगाती है हमारे यह फैक्टरी लगाती है तो हमारे यहां के लोगों को रोजगार मिलता है उसमें रिसर्ज किया जाता है उसको ग्रोथ किया जाता है कैसे ग्रोह हो गया वाला सेक्टर से ग्रोह होगा तो वह चीजें क्लास होती है कब जब बाहर से इनवेस्टमेंट आता है ना ही हमारी सरकार ने ना ही जैसे आप हो वह आपको पढ़ाया जारा है सिखाया जारा है तभी तो आप ग्रोकर अगर आपके माता बेता आपको आपके डेवलप्पेंट के लिए आपके पढ़ा लिखा के लिए पैसा खर्च करना बंद कर दे तो क्या आवारों के तरह घूमोगे यहां वहां क्राइम कर लेकिन इसके पर भी बहुत बहुत ब कि शिवाब इंवेस्टमेंट कमर्सलाइशन के लिए लिखना क्लास पांच जूट कॉटन सिल्क इंडिगो ठीक है जूट कॉटन सिल्क इंडिगो इस तरीके से मारे एग्रीकल्चर सेक्टर ने बरबात कर दिया अच्छा एक और हुआ क्लास पार्टीशन जब अब हुआ क्या है मोहमद अली जिनना जो है मुस्लिम की आबादी क्लास कम थी माइनओटी पर थे उस टाइम पर तो आजा देव टाइम पर कि भाईया हमें अपना अलग देश चाहिए, हम यहाँ नहीं रहेंगे कि यहाँ पे जवाललाल नेहरो सरकार चलाएंगे तो उस टाइम पे क्या हुआ, बटवारा क्या गया, एक ऐसा बटवारा जो क्लास बाटा गया, एरिया के बेसिस पे नहीं, कि यहाँ पे कितने लोग रहते हैं, तो जहाँ पे क्लास एरिया जो पाकिस्तान का था, जहाँ पे मुस्लिम लोग ज� इसको क्लास इन्होंने क्या कर दिया, पाकिस्तान गोशिश कर दिया, तो पाकिस्तान इंडिया का पार्टिशन हो गया, जब पाकिस्तान इंडिया का पार्टिशन हुआ, तो हुआ क्या कि इंडिया's agriculture product receivers further set back due to partition, अब independence को टाइम पे क्या हुआ, जालतर जो क्लास undivided highly irrigated land था तो वो चीजे क्लास, वो सारा area कहाँ चला गया, क्लास पाकिस्तान की तरफ चला गया, तो पाकिस्तान basically जातर agriculture depend है, और वो भी क्लास, वहाँ पे agriculture अच्छा होगा, तो पाकिस्तान कंडिशन अच्छी, नहीं तो खराब, यह है क्लास, cotton हो गया, jute हो गया, silk हो गया, indigo हो गया अल्मोस्ट थे होल जूट प्रोडूसिंग एरिया जूट प्रोडूसिंग एरिया ना सारा का सारा वह चला गया क्लास इस्ट पाकिस्तान टो फार सफर हेवी लाक ऑफ रॉ मटिल तो हमारी जो इंडस्ट्री थी ना वह रॉ मटिल के लिए तरस गई कि वह सारा तो नुकसान क्या हुआ, जूट इंडस्ट्री सारी की सारी हमारे यहां से निकल गई, पाकिस्तान है पहुँच गई, आज बंगला देश में है, और सारा जो highly irrigated land है, वो भी कहां चला गया, पाकिस्तान के पास चला गया, यह बात ध्यान रखना, अगला point है, हमारा जो industrial sector है, वो इन्होंने कैसे खराब किया, कैसे बरबाद किया, industrial sector वो खराब करने में सबसे पहला point है, सबसे important point क्या है, decline in handicraft industry, हमारा जो handicraft industry था ना, वो अंग्रेजों ने बहुत बुरी तरीके से class खराब किया, बहुत बुरी तरीके से class इसको impact डाला उस पे, क्या इन्होंने किया class, एक tariff policy बनाई, discriminatory भेदभाव करने वाले tariff policy, वो tariff policy कैसी थी ध्यान समझना, यह है class Britain और यह है India, इन्होंने बोला, ध्यान समझना class, यह क्या होता है discriminatory भेदभाव करने वाले tariff policy, कि अगर class इंडिया से, कोई भी raw material बाहर जाता है तो उस पे कोई tax नहीं तो यानि कि इंडिया से the bad of raw material ब्रिटन में जा रहा है और ब्रिटन वालों को क्लास कोई tax नहीं देना पड़ रहा है ना इनको कोई tax देना पड़ रहा है वो आम से सारा का सारा raw material उठा उठा के अपने देश में ले जा रहे ह तो वो इंडिया से अगर फिनिश गुड्स बनाकर ब्रिडन भेजेंगे ना, तो उन पे हेवी टैक्स लगेगा यानि कि ये लोग सौ का समान बेजेंगे, सरकार कहेंगे सौ और हमें टैक्स दे दो, तो समान हो गया दो सो का आज महंगाई क्यों बढ़ रही है, क्योंकि सरकार टैक्स पे टैक्स लगाती चली जा रही है, आपकी जितनी भी इंकम आप कमाते हो, उस इंकम पे टैक्स देने के बाद जो इंकम बचता है, उस इंकम पे जो बचता है टैक्स देने के बाद, उस पे जब आप चार जिगे ख घर के लिए house tax, road के लिए road tax, toll tax, pollution के लिए class pollution tax देते हो आप, gift देते हो तो gift tax भी है, income class कमाते हो, company से तो corporate tax, salary value के लिए TDS, हर एक टाइप पर tax देते हो, फिर जो कटके पैसा आता है, फिर उस पर खर्च करते हो, फिर tax देते हो, गाड़ी खरीदने पर tax है, ठीक है, cess लगाये जाते हैं सरकार द्वारा, फिर उसके बाद जब गाड़ी खरीदते हो तो road tax आप देते हो फिर road पर जाने के लिए toll tax आप देते हो ऐसे अलग-अलग type के taxes लगाए जा रहे हैं तो taxes कहां से असूले जाएंगे ultimate सारा बड़न final consumer के उपर आता है तो इसी तरीके से 100 रपे का समान फिर आप पैसे को invest करते हो तो भी investment पे भी tax लगता है अगर आप उसको बेच रहे हो तो फिर उसपे LTCG और STCG tax लाएगा आपने FD भी कराई तो FD पे भी जो interest मिलेगा आपको वो भी आपके tax कटने के, TDS कटने के बाद ही मिलेगा तो आप किसी तरीके से बच नहीं सकते, आपको टाक्सिस पेमेंट करने ही करने हैं, चाहिए वो डिरेक्ट टैक्स हो, चाहिए वो डिरेक्ट टैक्स हो, तो आओन एवरेज इंसान अपने इंकम का लगबग 42-43% जो है वो भर देता है, टाक्सिस के रूप में, डिरेक्ट, औ क्योंकि ब्रिटन ने क्या, ब्रिटन जो हमारी गवर्मेंट थी, ब्रिटन की गवर्मेंट थी, ब्रिटिशस, तो उन्होंने क्या बोला, बहार आप जो भी फिनिश गुड्स बेचोगे, उस पर हम हेवी टेक्स चार्ज कराएंगे, लेकिन अगर बाहर से कोई फिनिश गु� कि हम अगर बेचेंगे तो हेवी टैक्स तो हमारा समान बाहर महंगा हो जाओ लोग ना खरीदें और बाहर वालों का समान हमारा देश में आ रहे हैं तो नो टैक्स ताकि वो सिस्ता मिले हमारा देश के लोगों को हम लोग बाहर समान खरीदें तो यही चीजे क्लास यह हो गया डिस्क्रिमिनेटरी टारेफ पॉलिसी जिसकी वजह से हुआ क्या adverse impact क्या हुआ इस पॉलिसी का बहुत सारी बेरोजगारी हुई जो लोग काम कर रहे थे class वो बेरोजगार होगे क्योंकि उनका माल बाहर बीका ही नहीं और हम लोग फिर depend होगे किस पे foreign goods के उपर lack of capital good industry हमारे पास problem क्या थी हम अनाज, गेहु, बाहर भेज रहे थे, वहाँ से आटा बनके हमको मिल रहा था, इससे चाहिए हमारे यहाँ आटा बनाने का कारखाना लगा दी जाए, तो भी हम भी आटा जो है वो बना लेंगे, जो चक्की लगा दी जाए, तो हम भी आटा, यह आटा का एक एक्जांपल दे GDP में हमारा contribution जो था, बहुत कम था, क्योंकि देखो GDP में, जो GDP बनती है न, वो तीन sector के output से बनती है, production sector, यानि agriculture sector, industrial sector और service sector, तो जो GDP में contribution था, वो industrial sector का बहुत low था, सरकार कोई agriculture पे भी काम नहीं कर रही थी, नहीं industrial sector पे कोई काम कर रही थी, अगला एक class, limited role of public sector, सरकार सिर्फ और सिर्फ electricity पे, transportation पे, communication पे ध्यान दे रही थी, यहां सरकार ने क्लास बिल्कुल भी इंडिसिट सेक्टर पर ध्यान नहीं दिया Foreign Trade यह है क्लास इंडिया का मैप और यह है क्लास वर्ल्ड वैप में यूरोप का साइड का मैप है अब अफरीका का है यहाँ पे तो अगर आप देखोगे यहाँ पे एक क्लास लंडन देखो यह रहा है ना लंडन यह रहा अब मुंबई बेसिकली क्या है एक बंदर का है मुंबई तो अंग्रेज क्या कर रहे थे अंग्रेज ने अंदर अंदर धीरे धीरे रेलवे बिचा दी रेलवे बिचाने के बाद गाओं गाओं से अनाज कलेक्ट होने लगा सारा का सारा रॉम मटेरियल कलेक्ट होने लगा इंडिगो सिल्क जूट कॉटन है ना तो वो सारा का सारा क्लास इस तरीके से पानी के रास्ते से लगवाग उनिश जर आठ सु किलोमेटर का सफर तैर करके कई दिनों में क्लास यहाँ पे लंडन माल पहुँचता था तो डिस्टेंस लंब यहां जो रेड सी और जो मेरिडेरियन सी है ना उन दोनों को जोड़ने के लिए क्लास एजिप्ट की सरकार ने कनाल बनाया जिसका नाम है स्विस कनाल ध्यान नकना क्लास दस साल लगे इसको बनने में स्विस कनाल बना जिसकी वज़े से क्या हुआ अब मुंबई से माल ले ज दो सु साल बहुत होते हैं क्लास अगर ऐसा ही दस साल पंधर साल भी करेंगे ना तो भी बहुत मार उठाकर ले जाएंगे और वहां से फिनिस्ट गुट यहां पर लेकर आने लगे तो हमारा जो फॉरेंड ट्रेड हो रहा था ना वो ज़्यादातर ट्रेड मोनोपॉली वो ब हम लोग सिर्फ कच्चा माल export कर रहे थे और export, मतलब उस time पे हमारा export, आज हमारा export surplus में नहीं है, आज हम export करते हैं, 100 का import करते हैं, 200 का, है न, मतलब minus का 100 हो गया बी ओपी, लेकिन उस time पे हम export ज़्यादा का कर रहे थे, import का हम कर रहे थे, सोचो, तो अब सर इसमें बुराई त तो बहार से बहुत सारा pound, बहुत सारा पैसा हमारे country में आ रहा था लेकिन इस पैसे कभी इंडिया के development पे सरकार ने use नहीं किया इस पैसे से भी सरकार ने क्या किया अपना colonial setup strong किया, इनको सरकार को पैसा दिया 45 के time तक आते आते class, world war 2 जो है, वोच पीक पे था तो उस time पे इन्होंने इस पैसे से world war 2 पे पैसे खर्च किया बहार से जो invisible services import करी हैं, बहार से उन पे पैसा लगाया देश के डेवलपमेंट पर एग्री कल्चर, इंडॉस्ट्रियल सेक्टर को या टर्जी सेक्टर को डेवलप करने के लिए क्लास इन्होंने कोई भी काम नहीं किया, कोई स्कूल कुछ भी नहीं बनाया, बस अपने हां लोग काम कर सकें, इसलिए भी 190 साल तो बहुत होता है न, पता है वहाँ भी बहुत बेदा होता था कि जो administrative की job है वो उनको मिलता ही नहीं था administrative की job तो जी बिरिटन वाले ही करेंगे तुम तो छोटे मोटे काम ही करोगे clerk के level के काम जो है foreman के काम जो है तुम वो करोगे जो administration के काम है वो तुम लोग नहीं करोगे तो हम exporter बन गए, raw metal का और importer बन गए, finished goods का, monopoly control of India's foreign trade, इंडिया का जो foreign trade है ना, वो class monopoly control पे आ गया, मतलब सारा का सारा हम export किसको कर रहे थे, Britain कर रहे थे, यह जो Swiss canal बना, यह Egypt की सरकार ने बनाया, मिश्र देश, मिश्र वासी, जहाँ पे pyramids बने, 1859 से लेकर 1869 तक बन के तया वो अकेला किसको कर रहे थे, ब्रेडटन को कर रहे थे, बाकि सिरलंका हो गया, चाइना हो गया, पर्शिया हो गया, हम इनको कर रहे थे, लेकिन आधा ट्रेड, सोचो अगर सोचो, 200 देश के वीच में हम आपना आधा ट्रेड सिर्फ एक दिस को कर रहे हैं, तो ये मोनोपॉल हमारा जो demographic condition है वो भी class eve of independence में अच्छा नहीं था इंडिया का class वो demographic condition बहुत खराब था 1921 तक इंडिया की population कभी बढ़ रही है कभी घट रही है लेकिन 1921 एक ऐसा year है जिसके बाद इंडिया की population कभी भी आज तक घटी नहीं हमेशा बढ़ती ही रही है इसलिए 1921 को year of great divide भी बोलते हैं 1921 के बाद class इंडिया second demographic transition में पहुँच गया फर्स्ट डेमोग्राफिक ट्राइंशन जहां पे क्या होता है क्लास की बर्थ रेट डेथ रेट दोनों बढ़ रहा है लेकिन 1921 के बाद बर्थ रेट तो क्लास बढ़ रहा था बढ़ रेट थोड़ा थोड़ा कम होने लगा लोग मरने कम लगे पैदा जादा होने लगे जिस population की जनगणना करने के लिए class official census आया तो जो पहला official census आया वो 1881 में है the first official census was conducted in 1881 और class it was carried out after every 10 years हर 10 10 साल में official census जो है वो class आता है और वो पहला official census कब है 1881 में आखरी 2011 का था 21 क्लास covid की वाइस अभी पूरी तरीके से publish नहीं हुआ है right अच्छा अब following the point shows ये सारे point हमें बताते हैं कि हमारा demographic condition जो है वो अच्छा नहीं था जैसे सबसे पहला high birth rate, death rate पैदा ही बहुत ज़ादा लोग हो रहे थे और death भी बहुत ज़ादा लोग की हो रही थी मालो हजार में 50 पैदा हो गए, 100 पैदा हो गए, 10 पैदा हो गए और हजार को बंद कर दे उनमें से कितने लोग मर गए that is called death rate तो हमारा birth rate 48 था और death rate class 40 था पर था हर 1000 में से 40 लोग की मृती हो रही थी और 48 लोग पैदा हो रही था तो यह birth rate, death rate बहुत high था low literacy rate, literacy rate बहुत कम था मतलब female literacy rate literally 7% था कुल सौमे से सरफ 7 लोग पड़े लिके थे और male literacy rate 16% कई state में 100% पहुँच गया है तो literacy rate कितना का और बैल बुद्धी अगर है तो उन पे class control बाट के उनका पागल बनाना क्लास कितना आसान है आज भी डेट पे क्लास लोग 500, 1000 रुपए अध्धा पववा लेके क्लास मीट चिकन लेके क्लास किसी भी सरकार को आख भंदर के वोट दे देते हैं और उसके बाद वाई सरकार क्लास सीधी सी बात है, अगर आपको पैसा पैसा आपको देखके दिया जा रहा है अगला क्लास जो कि आने वाली पीडी जो है वो class educate मतलब मिलेगी आपने ध्यान रखना है कि life expectancy जो है वो भी बहुत कम थी कहने का simple सा मतलब है कि लोग कि life सिर 32 साल average हुआ करती थी and on an average 32 years में death हो जाती थी लोगों क्यों high infant mortality rate infant मतलब वो बच्चे जो एक साल तक के हैं उनको infant बोला जाता है तो चोटे बच्चे ना within one year चोटे बच्चों की बहुत care करनी पड़ती है ठीक है जानवरों के बच्चों में और इंसान के बच्चों में यही major difference है, जो इंसान के बच्चे होते हैं, बहुत ज़्यादा care करनी पड़ती है, बहुत साया टीका वगैरा लगता है, बहुत अच्छे से care करनी पड़ती है, as compared to animals, ठीक है, अब अगर बात करें infant की, तो उनकी मौत और छोटे बच्चे हैं क्लास विदिन वन येर 218 बच्चों की मृत्ती हो जाती थी तो तब ही आपने देखा होगा आपके दादा जो ताऊ जी है दादा जी उनके दिन बच्चे थोड़े से जादा होंगे और उनसे और पीड़ी में और जादा बच्चे हों लास्ट है क्लास हमारा ओक्यूपेशनल स्ट्रक्चर ठीक है ओक्यूपेशनल स्ट्रक्चर का मतलब क्या है जो लोग काम कर रहे हैं अगर मैं ओक्यूपेशनल स्ट्रक्चर की बात करूँ तो हमारे यहाँ पर ज़्यादा तर लोग खेती बाड़ी कर रहे थे उस टाइम तक ये 51 का data है, secondary में 10, tertiary में 17 और primary में लगबख 73% लोग काम कर रहे हैं, जिसकी वज़े से कहीं न कहीं class regional variation है, तो इसका analysis अगर हम करें, तो dependency on agriculture लगबख 75% लोग खेती बाड़ी पर depend है और बाकी दोनों sector पर सिर्फ 25% लोग depend है, unbalanced growth, देखो growth तभी balance होगा जब तीनो sector में लो� तो ये unbalanced growth है और regional variation कुछ state like Tamil Nadu, Andhra Pradesh, Kerala, Karnataka, Maharashtra, West Bengal इन्होंने धीरे धीरे क्या किया अपने लोगों को, workforce को, सरकार रिध को, state government अपने state के लिए नियम कारून बनाती है जिसका benefit लोगों को होता है, इन states ने बनाया और इनकी लोग धीरे धीरे agriculture से manufacturing, service sector तर move करने लगे लेकिन such as Odisha, Rajasthan, Punjab ये बहुत ज़रा डेवलप नहीं कर पाए class कि इनकी सरकारों ने agriculture को support किया और वो खेती बाड़ी करने में ही लगे रहे हैं तो इसको बोलते हैं regional variation लास्ट टॉपिक हमारा infrastructure अंग्रेजों ने हमारे देश का infrastructure में कोई interest नहीं था उनको हमारे देश का infrastructure डेवलप करने में बट कहते हैं कि जहां बुराई होती तो कुछ अच्छाई भी आही जाती है और वो अच्छाई आई class अपने कॉलोले लूल को स्ट्रॉंग करने के लिए, हमारे यहां से समान को ले जाने के लिए, और अपना दबदबा बनाने के लिए, उनको दो इंफरस्ट्रक्चर डेवलप करना बहुत जरूरी था, सबसे पहला एक लास रेलवेज, गाओं गाओं में किसान अनाज उगाता है, तो अप्रिल 1853 में यह पहली ट्रेन चली और रेल्वे का जो इंडिडक्शन हुआ वह 1850 में हुआ ध्यान रखना इंडिड्यूस कब हुआ 1850 रेल्वे का जो इंडिडक्शन हुआ वह 1850 में हुआ लेकिन पहली ट्रेन चली मुंबई से लेकर थाने तक वह चली क्लास 33.8 क्लोमे� और पहली train चली 1853, but introduce वाला date important है 1850 दूसरा class इन्होंने class communication अब इन्हे order pass करने थे, कहीं पे लोग मालो भड़क गए कहीं लोग क्या करते थे कि police station कोई जला दिया करते थे अंग्रे जो को मारा पिटा कर जाते थे वहाँ के जो तो उन पे control करने के लिए इन्होंने class post और telegraph बनाया post मतलब डाक्खा ना, आज तो mobile phone video conferencing का जमाना है multiple दोस्त मिलके video conference करते हो पहले post था पोस्ट के अंदर क्या हो गया दाखाना चुठी चुठी लिखकी भेजा करते थे दस दिन में चुठी पहुँचेगी फिर वो रिप्लाई देगा पंधरे दिन में रिप्लाई आएगी कितना पेशिंस हुआ करता था लोगों के टाइम पे तो पोस्ट यह था आम जनता के लिए टेलिग्राफ एक मशीन एक्विपमेंट हुआ करती थी जहांपे क्लास यह करते हैं सरकार के पास एक एक्विपमेंट होता था जहांपे वायर के थुरू इलेक्ट्रोनिकली क्लास मैसेज भेजा करते थे जैसे सरकार को कुछ मैसेज भे पूरा का पूरा देश का जो बज़ट है ना हमारे इंडिया का वो बिगड़ गया था, पूरा पैसा सरकार ने देश, भारत का ही लगाया, रेल्वे लाइन बीचाएगी, रेल्वे बनाएगी, पर हाँ, उसकी वैसे काफी लोगों को रोजगार मिला, और आज हम लोग रेल् जिगराफ आप कहीं भी आप इजली आप पहुंच सकते हो यह आपको फैसलेटी मिल गई सामान को भी दूर दराज भेजा जा सकता है क्लास और मार्केट एक्सपैंड हुई आपका समाज मानलो बंगाल में कोई चीज बनाई जा रही है तो वो अलग-अलग जीजे भेज असम तो वो possible हो पाया class railway के आने से, market भी expand हुई, market को हर चीज class मिलने लगी, और class export import भी कहीं न कहीं हमारा बढ़ने लगा, railway के आने से, ये impact हुआ, railway का काफ़ी अच्छा impact रहा, तो ये बहुत important है, paper में सवाल, तीन number में आ जाता है, तो finally अंग्रेजों ने हमारे देश को बहुत लूटा, बहुत सोशन किया, परतारना करी, लोग class, कई लोग तो अंग्रेज, गुलामी में ही पैदा हुए, गुलामी में ही class उनकी पीड़ी चले गई, गुजर गए, लेकिन, जहाँ बुरा ही है वहाँ कुछ अच्छा ही भी हो गई क्लास तो ये कुछ positive contribution है जो ना चाहते हुए अंग्रेज हमें दे गए जैसे सबसे पहला self-sufficiency in food grain मार पीट के अनाज उगाया जा रहा था जादा काम करवाया जा रहा था किसानों से है ना land settlement system के थाइत better means of transportation transportation के लिए railway आया वो एक अच्छा माध्यम बना transportation का लोगों से बोला जा रहा था कि भाई आप जो है वो वो वो जूट, सिल्क, इंडिगो होगा हम आपको पैसे देंगे तो पैसे मिला तो लोग पैसे भी खच करने लगे इस इस कॉल मॉनेटरी इकाउन्मी तो अंग्रेजों ने कहीना की मॉनेटरी इकाउन्मी को प्रमोट किया फेमाइन्स जहाँ पे भुकमरी सूखा पड़ जाता है भुकमरी चाजाती है भी आज अगर मान लो गाउं में आपके रिजदारों की दिक्कत हो रही है वो पता करते करते चिठ्ठी 10-15 दिन में आई और आप क्या भेज दोगे उनको भेजने का कोई साधन नहीं था तो आपको जाना पड़ता था और जाओ कैसे जाने का भी प्रॉपर साधन नहीं है बहुत मुझे कहीं फ़स गया तो फ़स गया आगे अभी आज कर थोड़ी फ्लाइट पकड़ लिया ट्रेन पकड़ लिया पहुंच गया तुरंतिर हर जगह रूट बना हुआ है ट्रांसपोरेशन आज स्ट्रॉंग हो गया नहीं हाइवे बने हुए नहीं उस टाइम पर कु� हमें सरकार का अंग्रेजों का बना-बनाया सेटअप मिल गया administrative setup हमें पूरा-पूरा बना-बनाया मिल गया जिसकी वज़े से class जो Indian economics थे, Indian planners थे उन्हों को class काफी help मिल गया पता बिल्ला एक lower house, upper house, supreme court इस सब बना-बनाया हमको मिल गया और उन्होंने ही लड़ाई कराई क्लास, जड़ आज हिंदू मुस्लिम के जड़ है, फूट है, नीव गिरी हुई है, वो उन्होंने ही डाली हुई है, ठीक है, नहीं तो सब भाई चारे के हिसाब से रहते थे, और रहते भी हैं भी, लेकिन क्लास कुछ लोग अपना पॉलि� यह है क्लास पूरा का पूरा पहला चैप्टर और हमने क्लास यहाँ पे फर्स्ट चैप्टर को पूरी तरीकी से एंड कर दिया है तो मेरी आप सबसे रिक्वेस्ट है आप पहला चैप्टर पांच नमबर का चैप्टर है एक दिन, दो दिन, तीन दिन जब भी लो ठीक है तो I hope आपको अच्छा लगा होगा, सीखने को मिला होगा, data मैंने बता दिया सब कुछ आपको, इतना ही करना है और ज़्यादा हुआ नहीं है, इतना ही क